Ramayan Story in Hindi – रामायण की कहानी

Ramayan Story in Hindi – रामायण का अर्थ और उस पर आधारित कथा


रामायण का शाब्दिक अर्थ है – राम + आयण

इसका पूरा मतलब हुआ राम के चरित्र का आचरण करना। रामायण जिसमें सीता से लेकर लक्ष्मण, हनुमान, रावण तथा अनेक पात्र हैं – राजा दशरथ, उनकी 3 रानियाँ, गुरु वशिष्ठ, राजा जनक, इत्यादि। इन सभी पात्रों का चरित्र ग्रहण करने योग्य है। रामायण पढ़ने से ज्यादा, उसका अनुकरण करना आवश्यक है।
इसकी रचना महर्षि बाल्मीकि ने की थी। इसकी प्रत्येक घटना हमारे आज की रोज मर्रे की घटना से जुड़ी है।
रामायण समझ कर सुनने और जीवन में उसका अनुकरण करने से मानव से वह मानव श्रेष्ठ बन जाता है।

रामायण की कथा

बहुत पहले की बात है, द्वापर युग में सुमति नाम के महान राजा थे। इनका जन्म चन्द्रवंश में हुआ था। राजा समृद्धिशील, अत्यंत संपन्न तथा सत्यवादी और धार्मिक थे। ये राम भक्ति में हमेशा लीन रहते थे। इनका स्वभाव अत्यंत सरल और इनमें बिलकुल अहंकार नहीं था। ये गुरुजनों की सेवा करना ही अपना प्रथम कर्तव्य मानते थे। उनकी पत्नी भी ठीक राजा के अनुरूप थी।
दोनों पति पत्नी सदा रामायण का पाठ करते थे और उसी के अनुसार अपना जीवन ढालते थे। दान पुण्य करना, कुआँ, तालाब, इत्यादि का निर्माण करना इनके स्वभाव में था। देवता गण भी इनके कार्य की बहुत प्रशंसा करते थे और ये तीनों लोकों के प्रिय राजा रानी थे।

राजा रानी से मिलने के लिए विभाण्डक मुनि अपने शिष्यों के साथ मिलने आएं। दोनों ने उनकी खूब आवभगत की और कहने लगे – हे भगवन – आपके चरण हमारे घर पे आये तो हमारा घर स्वर्ग बन गया। महापुरुषों के आने से कहते हैं साड़ी खुशियाँ और समृद्धि अपने आप चली आती हैं। विभाण्डक मुनि उनके व्यवहार से अत्यंत प्रसन्न हुए और कहा तुम्हारा सदा कल्याण हो। विभाण्डक मुनि जी ने राज से एक बात पूछी कि —-तुम दोनों में इतनी विनम्रता और शीलता कहाँ से आया है। तुम दोनों केवल रामायण का ही पाठ क्यों करते हो इसका कारण बताओ?

राजा रानी ने उत्तर दिया, इसके पीछे कि कहानी बड़ी अजीबो गरीब है, मैं आपको सुनाता हूँ –

राजा ने कहा – हे मुनि हमदोनों पूर्व जन में अलग अलग परिवार में पैदा हुए थे। मैं मालती नाम का क्षुद्र था। केवल पाप, अत्याचार, गौ और ब्राह्मण हत्या करता था। अपने भाई बंधुओं के साथ भी कड़वे वचन और झूठ बोलता था। नाराज़ होकर मुझे मेरे घरवालों ने त्याग दिया। मैं वन वन भटकता रहा। उसी जंगल में एक कुटी बना कर रहने लगा। तभी मेरी पत्नी (जो अभी हैं) हतास निराश अवस्था में मुझे मिली। उस समय उनका नाम काली था। काली निषाद कुल में जन्म ली थी। इसके कृत भी मेरे सामान ही थे और उनकों भी उनके घरवालों ने निकाल दिया था। काली का मेरे सिवा इस जंगल में कोई और नहीं था। हम दोनों इस कुटी में पति पत्नी कि तरह जीवन बिताने लगे।

हमारी यह कुटिया संजोग से वशिष्ठ मुनि के आश्रम के पास था। एक बार हम दोनों खाने कि खोज में उस आश्रम में गए ताकि कुछ काम करके खाने पीने को मिल जाए। वहाँ पर बड़े बड़े महर्षि लोग रामायण का पाठ कर रहे थे। हमदोनो भी वहां पहुँच गए और 9 दिनों तक सम्पूर्ण रामायण का पाठ सुना। सुनते सुनते ही हमदोनो की वही पर मृत्यु हो गयी और दोनों सीधे भगवान राम के धाम पहुँच गए। हे मुनि फिर आज हम जिस रूप में हैं आपके सामने हैं।

मैं आपको बताना चाहती हूँ कि इस कहानी के माध्यम से हम सीखते हैं –
हमारे द्वारा किया गया गलत काम का परिणाम अच्छा नहीं होता। यह सत्य है “रोपा पेड़ बबूल का तो आम कहाँ से पाएँ”। इसलिए जीवन में हमें हमेशा अच्छे कर्म करने चाहिए, कभी भी कड़वे वचन नहीं बोलने चाहिए, सब का आदर सम्मान करना चाहिए। जीवों की हत्या नहीं करनी चाहिए।

More Mythological Stories in Hindi | पौराणिक कथाएं

1 – 51 Shakti Peeth list in Hindi51 शक्ति पीठ
2 – Solah Somvar Vrat Katha in Hindiसोलह सोमवार व्रत कथा
3 – Navratri in Hindi नवरात्री पूजा विधि और इसका महत्त्व
4 – Gayatri Mantra Meaning in Hindiगायत्री मंत्र का अर्थ और महिमा
5 – Hanuman Stories in Hindiवायु पुत्र मारुती का नाम हनुमान कैसा पड़ा
6 – Navadurga Names in Hindiनव दुर्गा के नाम और उनकी कथाएं
7 – Navagraha Mantra – नवग्रह क्या हैं? ये ग्रह मनुष्य के जीवन को कैसे प्रभावित करते हैं ?
8 – 12 Jyotirlinga Name & Place in Hindi 12 ज्योतिर्लिंग के नाम और विवरण
9 – Satya Harishchandra Story in Hindiसत्यवादी राजा हरिशचंद्र की कथा
10 – Meaning of Om in Hindi ऊँ क्या है इसके स्वरूप का रहस्य क्या है
11 – Vaman Avatar Story in Hindi – विष्णु के वामन अवतार की कथा
12 – Ganga River History in Hindi – Ganga Nadiगंगा जी की उत्पत्ति कैसे हुई
13 – Shiv Ardhnarishwar Story in Hindiशिव अर्धनारीश्वर के रूप में कब प्रकट हुए
14 – Vishnu 20 Avtaar in Hindiविष्णु के 20 अवतारों का रहस्य
15 – Tulsi Story in Hindiतुलसी की महिमा

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here