Power of Positive Thinking in Hindi – सकारात्मक सोच के फायदे

Power of Positive Thinking in Hindi – सकारात्मक सोच के फायदे

आज की भाग दौड़ और व्यस्त जीवन में सकारात्मक सोच की बहुत आव्यशकता होती है। इस मशीनीकरण की दुनिया में परिवार के बीच एक दूसरे को जानने का समय ही नहीं होता। पति पत्नी ऑफिस, सिर्फ काम ही काम, इस अकेलेपन और नकारात्मकता के शिकार या तो बच्चे, बूढ़े माता पिता या स्वयं खुद पति पत्नी होते हैं। अगर सच माना जाए तो आज के समय में हम सभी को सकारात्मक सोच की सख्त आवश्यकता है।
तो मित्रों आइये, सबसे पहले पहले हम ये जानें की सकारात्मक सोच होता क्या है |

सकारात्मक सोच क्या है? What is Positive Thinking ?

सकारात्मक वह मानसिक सोच है जिसमें हर व्यक्ति अच्छे और अनुकूल परिणाम की अपेक्षा करता है। सकारात्मक सोच एक आदर्श पैमाना है जिसे सभी achieve करना चाहते हैं। लेकिन उस आदर्श बिंदु तक पहुँचने के लिए, जिस तरह का हमें प्रयास करना चाहिए हम कर नहीं पाते हैं।

संघर्षमय जीवन

जीवन का दूसरा नाम ही संघर्ष है। हम अपने जीवन को खुशहाल बनाने के लिए सतत संघर्ष और प्रयत्नशील रहते हैं । चाहे धन ,सम्मान और यश के लिए हो या रोटी कपड़ा और मकान के लिए हो। बिना कष्ट किए या यूँ कहें की बिना कर्म किए कुछ नहीं मिलता ।
अंग्रेजी में कहावत है -No Pain No Gain,  प्रयास करने पर जब कुछ मिल जाता है तो हम खुश हो जाते हैं और नहीं मिलने पर हम दुखी हो जाते हैं ।  मानव का संपूर्ण जीवन चुनौतियों से भरा होता है ।हर मनुष्य अपने जीवन में सफल होना चाहता है लेकिन परिस्थितियां सामान नहीं होती ।कभी सफलता तो कभी विफलता ,कभी ख़ुशी तो कभी गम, कभी अनुकूल तो कभी प्रतिकूल । यह विधि का विधान है । इससे कोइ भी वंचित नहीं रह पाया है ।

अपने जीवन से हमें यह सिख आवश्य लेनी पड़ती है की परिस्थितियां चाहे हमारे अनुकूल हो या प्रतिकूल पर हर संभव अपने सकरात्मक सोच को बनाए रखना है ।ऐसे समय में हमारी सकरात्मक शक्तियां क्षीण होने लगाती हैं ।चारो तरफ केवल निराशा ही निराशा दिखाई पड़ता है । हम अपने हिम्मत का हथियार डाल देते हैं । ऐसा लगने लगता है मनो सब कुछ समाप्त होगया है ,अब कुछ भी शेष नहीं बचा ।

अपना विश्वास जगाना – ऐसे समय में हम केवल अपनी सहायता खुद कर सकते हैं । मैंने अपने जीवन में भी देखा है पर जब तक हम खुद को नहीं समझा पाते तब तक ये बंजर दिमाग कुछ नहीं समझने को समझने को तैयार होता । ये एक चुनौतीपूर्ण परिस्थिति होती है । हमर अंदर सारी शक्तियां मौजूद होती हैं। सिर्फ आव्यशकता होती है उन्हें जगाने की और सकारात्मक सोच को अपनाने की।

सकारात्मक सोच का प्रभाव – Effect of Positive Thinking 

सकारात्मक सोच एक ऐसी दिव्य लौ है जो हमारे आत्म विश्वास और आत्मबल को मजबूती प्रदान करता है। इससे हमारा साहस और हिम्मत बढ़ जाता है। हमें अपनी क्षमता पर फिर से विश्वास होने लगता है। फिर हमारा ध्यान समस्या से हटकर उसके समाधान पर चला जाता है।
सकारात्मक सोच से हमारा मष्तिष्क Stress free हो जाता है जिससे हमारी सूझ बूझ की क्षमता बढ़ जाती है। सबसे अच्छी बात होती है की जैसे ही हमारी सकारात्मक सोच बढ़ती है हम मानसिक रूप से रोग मुक्त हो जाते हैं और हमारे अंदर एक नयी चेतना जागृत हो जाती है।

हम ये नहीं कह सकते ही हमेशा हंसना और खुश रहना सकारात्मक सोच की पहचान है। सकारात्मक सोच हमें हमेशा कुछ अच्छा करने की प्रेरणा देता है। ऐसे सोच वाले व्यक्ति यह कभी भी नहीं सोचते की उनके अकेले करने से कुछ नहीं होने वाला। बल्कि वे अपना कार्य अपना फ़र्ज़ समझकर किये जाते हैं।

हमारी सकारात्मक सोच जब सकारात्मक कार्य में परिवर्तित हो जाता है तो हमें अत्यंद आनंद मिलता है। वास्तव में सकारात्मक सोच का अर्थ यही होता है की जिस काम को करने से आपको स्वयं संतोष और खुशी मिलती है वही सकारात्मक सोच कहलाता है।

सकारात्मक सोच बढ़ाने के उपाय – Methods to Improve Positive Thinking 

अब प्रशन ये उठता है की हम सकारात्मक सोच कैसे बढाए-

सकारात्मक या नकारात्मक दोनों ही सोच हमारे अंदर होता है बस हमें अपने विचारों पर नियंत्रण रखना है ताकि हमारी सोच की दिशा सकारात्मक की ओर उन्मुख हो सके । ऐसा करने के लिए हम अपनी इच्छा अनुसार कई उपाय कर सकते हैं जैसे –

1. Meditation करना – ध्यान करने से हमारा मस्तिष्क शांत हो जाता है| शारीरिक और मानसिक मांस पेशियों का जकड़न समाप्त हो कर रिलैक्स हो जाता है। हमारे मस्तिष्क और शरीर में रक्तशांत संचार संतुलित रुप से प्रवाहित होने के कारण हमारी सोचने की क्षमता बढ़ जाती है और डिवाइन एनर्जी हमारे संपूर्ण शरीर में प्रवाहित होने लगती है।

2. Singing – गाना – अगर आपको कोई भी गाने का शौक हो, भजन हो या गाना या फिर चैटिंग के द्वारा भी सकारात्मक thinking को बढ़ाया जा सकता है

3. Drawing – ड्राइंग अगर आप को ड्राइंग का शौक हो अर्थात आप को इस से खुशी मिलती हो तो इसके द्वारा भी सकारात्मक सोच cultivate kiya jaa sakta hai

4. Playing Instrument – इंस्ट्रूमेंट बजा कर भी जैसे तबला, वीणा, अपने अंदर आत्मविश्वास को अर्थात सकरात्मक सोच को बढ़ाया जा सकता है

5. Travel (Outing) – Monotonous life जीवन को निरस बना देती है। बस आप ये देख लें कि आपको शांत जगह जाना पसंद या चहल पहल वाली जगह।

आप अपनी इच्छा अनुसार कोई भी रास्ता अपनाएं जिससे आपको खुशी और संतोष मिले। ऐसे ही कई कार्य आपके सकारात्मक सोच को निश्चित रूप से बढ़ाएगा।

सकारात्मक सोच के लाभ –  Benefits of Positive Thinking

सकारात्मक सोच जीने की एक सुंदर कला है जो हमारे जीवन में खुशियों के रंग भर देती है। इससे कई लाभ मिलते हैं

1. प्रोत्साहन – सकारात्मक सोच से निराशा के बादल छट जाते हैं और आशा की किरण प्रस्फुटित हो जाती हैं। काम करने का दुगनी क्षमता के साथ प्रोत्साहन मिलता है।

2. आत्मबल – हमारी सकारात्मक सोच एक दिमागी टॉनिक है जो हमें अंदर से शक्ति प्रदान करती है। यह शक्ति मानसिक और शारीरिक दोनों होने के कारण हमारा आत्माबल बढ़ जाता है।

3. आत्मविश्वास– जब हम पर नकारात्मक सोच हावी हो जाती है तो उस समय हमारा आत्मविश्वास क्षीण हो जाता है। हम अपने आप को ऐसा समझने लगते हैं मानो हमारे अंदर कुछ भी करने की क्षमता ना हो। लेकिन हमारी सकरात्मक सोच जो प्रिय मित्र हैं वह हमारे खोये हुए आत्मविश्वास को जगाता है, आत्मबल प्रदान करता है। यह हमारे अंदर सोए हुए गुणों को भी जगाता है |

4. सफलता के नए नए तरीके – सकारात्मकता का यह सबसे बढ़िया प्रभाव है। यह हमारे दिमाग के मांसपेशियों को रिलैक्स कर देता है जिससे हमारे सोचने की क्षमता बढ़ जाती है। हम अपनी प्रॉब्लम से overcome के लिए नए-नए तरीके ढूंढ़ लेते हैं ।

5. अवसर का सही प्रयोग – जीवन तो अवसरों से भरा पड़ा है । उस में से चुनना आपका काम है ।अगर आप रिलैक्स होते हैं तो आप अपने लिए ढेरों अवसर चुनकर उसका लाभ उठा सकते हैं ।यह तभी होगा जब आप सकारात्मक विचार रखकर सोचेंगे।

6. Stress level कम होना– सकरात्मक विचार से स्ट्रेस लेवल कम होता है ।हम तनाव मुक्त होते हैं। वास्तव में हम सभी के अंदर एक बच्चा होता है। उस बच्चे को हमेशा जिंदा रखिए यही हमें स्टेफ्री करता है ।

7. Health अच्छा होना – सकरात्मक सोच हो ने से हम हीन भावना से ग्रस्त नहीं होते और हमेशा प्रसन्न रहने से हमारा स्वास्थ्य भी अच्छा रहता है।

8. Positive impact on environment – अपने आसपास पर अच्छा प्रभाव डालना- सकरात्मक सोच से केवल स्वयं को ही लाभ नहीं मिलता बल्कि आप अपने विचार और कृतियों से आसपास के लोगों को भी प्रोत्साहन देते हैं और प्रभावित करते हैं।

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