Poem on Swachh Bharat in Hindi – स्वच्छ भारत पर कविता

Poem on Swachh Bharat in Hindi – स्वच्छ भारत पर कविता

स्वच्छ भारत हो अपना
बापूजी का था सपना
आप हम सब प्रण करें
उनके सपनो को सच करे

ख्याली पुलाव न पकाना है
कुछ करके हमें दिखाना है
कागज़ पर घोसना बहुत हो गए
हाथो में झाड़ू उठाना है

पीक दान या कूड़ा दान हो
सब की महत्ता समझनी है
जिनको समाज में न आये
उन को भी समझनी है

प्लास्टिक की थैली का
कभी न करो प्रयोग
कपडे की थैली अपनाओ
या कागज़ का करो प्रयोग

बिना प्रबंधन कचरा होता
बीमारी का खान
अगर प्रबंधन करे ठीक से
आता कृषको के काम

गाँव गाँव में शौचालय का
करना है प्रबंध
कागज़ पर केवल नहीं लिखना
इस पर कॉपी निबंध

कोई जगह न छूटने पाए
भारत का कोना कोना चमकाए
स्वच्छ जीवन उच्च विचार
करते है हम भारत माँ से प्यार

स्वच्छता को अपनाना है
भारत को स्वर्ग बनाना है

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