Narendra Modi Biography in Hindi – नरेंद्र मोदी का जीवन परिचय

Narendra Modi Biography in Hindi – नरेंद्र मोदी का जीवन परिचय

आज के समय में नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) एक चर्चित और लोकप्रिय नेता के रूप में जाने जाते हैं। नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता संपूर्ण विश्व में है। नरेंद्र मोदी के चाहने वाले केवल भारत में ही नहीं बल्कि विश्व के अनेक हिस्सों के लोग हैं। यह भारत के पंद्रहवें प्रधानमंत्री है। आज मोदी के कूटनीतिक और राजनीतिक ज्ञान का कायल पूरा विश्व है। एक बहुत ही मध्यम वर्गीय परिवार का बच्चा आज अपने देश को विश्व के सर्वोच्च शिखर पर पहुंचाने की कूबत रखता है। इनका व्यक्तित्व बहुत ही शालीन है,लेकिन इनका जवाब देने का तरीका सभी से हटके हैं। मैंने यह अनुभव किया है की जिनसे उन्हें ज्यादा दुख पहुंचता है उन्हें और भी अधिक सम्मान के साथ संबोधित करते हैं।अपने ऊपर इस तरह का नियंत्रण करना कोई विरले व्यक्ति ही कर सकता है। नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ऐसे पहले प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने स्वतंत्र भारत में जन्म लिया। यह गुजरात के मेहसाणा जिले के बड़नगर कस्बे के रहने वाले हैं। मोदी ने प्रधानमंत्री बनने से पहले एक सफल मुख्यमंत्री के रूप में जो गुजरात मॉडल पेश किया है इससे भारत की जनता को उनसे ज्यादा उम्मीदें बढ़ गई हैं ।

नाम – नरेंद्र दामोदरदास मोदी
जन्म – 17-sept-1950
जन्म स्थान – गुजरात ,बड़नगर
पिता – दामोदर दास मूलचंद मोदी
माता – हीराबेन
भाई – तीन
विवाह – यशोदाबेन (साथ में नहीं रहती )
शिक्षा – स्कूल की पढ़ाई वड़नगर से ,कॉलेज गुजरात यूनिवर्सिटी से
कार्य – 2001 -2014 तक गुजरात के मुख्य मंत्री , मई 2014 से भारत के प्रधानमंत्री

प्रारंभिक जीवन – नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) का पूरा नाम नरेंद्र दामोदरदास मोदी है। ये गुजरात के मेहसाणा जिले के बड़नगर में जन्म लिए। इन की जन्म तिथि 17 सितंबर 1950 है। इनकी माता का नाम हीराबेन और पिता का नाम दामोदरदास मूलचंद है । ये पूर्णरूप से शाकाहारी है ।इनके अंदर सेवा की भावना बचपन से ही देखने को मिलता है ।जब यह करीब 12 -14 वर्ष के रहे होंगे तब भारत-पाकिस्तान के बीच दूसरे युद्ध के समय अपनी इच्छा से रेलवे स्टेशन पर सफर कर रहे सैनिकों की इन्होंने सेवा की। दामोदरदास मोदी और हीराबेन के 6 बच्चे हैं जिनमें मोदी तीसरे नंबर पर है। इनका परिवार बहुत ही गरीब था इनकी मां दूसरे के घर में बर्तन मांज कर अपने बच्चों का जीवन यापन करती थी। बचपन में मोदी ने बहुत ऊंचे- नीचे दिन देखे ।इनका बचपन बड़ा ही संघर्ष में बीता। एक कच्चे के मकान में यह सभी परिवार एक साथ रहते थे। पिता की एक छोटी सी चाय की दुकान थी। नरेंद्र मोदी इस काम में अपने पिता का हाथ बटाते थे। इन्हें पढ़ने लिखने का शौक शुरू से ही था। अपने पिता के साथ दुकान पर रहते हुए जब भी इनको मौका मिलता था तो लाइब्रेरी जा कर पुस्तकें पढ़ा करते थे। नरेंद्र मोदी स्वामी विवेकानंद के विचारों को अपना आदर्श मानते हैं।

विवाह- 13 वर्ष की आयु में नरेंद्र मोदी की सगाई यशोदा बेन चमनलाल के साथ हो गई थी और 17 वर्ष में इनके साथ विवाह हो गया था । परंतु यह दोनों कभी साथ नहीं रहे।

शिक्षा- बड़नगर से उन्होंने स्कूल की शिक्षा प्राप्त की। स्कूल के मास्टर के अनुसार नरेंद्र पढ़ाई-लिखाई में साधारण छात्र थे लेकिन वे वाद विवाद और नाटक करने में अत्यधिक रुचि और क्षमता रखते थे ।

1980 में गुजरात विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में BA की डिग्री ली। फिर वहीं से m.a. की डिग्री भी राजनीति विज्ञान से ली । इनको राजनीतिक विषयों पर नई नई परियोजनाएं बनाने में बहुत रुचि थी। युवा अवस्था में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद छात्र संगठन में भी नरेंद्र मोदी शामिल हुए। उन्होंने भ्रष्टाचार के विरोध नवनिर्माण आंदोलन में भी हिस्सा लिया। बाद में BJP के प्रतिनिधि के रूप में चुने गए ।

RSS प्रवेश- नरेंद्र जब विश्वविद्यालय के छात्र थे तभी उन्होंने आर एस एस में प्रवेश लिया था। वहां वे प्रतिदिन नियमित रूप से जाते थे और एक निष्ठावान प्रचारक के रुप में इस संस्था का प्रचार प्रसार करते थे। फिर इन्होंने नागपुर में RSS की ट्रेनिंग पूरी की।

राजनीतिक सक्रियता– यह घटना 1995 की है। मोदी की मेहनत रंग लाई। गुजरात में BJP दो तिहाई बहुमत प्राप्त करके सरकार बनाई। तब दो राष्ट्रीय अद्भुत घटनाएं घटी। पहली घटना- लालकृष्ण अडवाणी ने सोमनाथ से अयोध्या तक की रथ यात्रा निकाली तो नरेंद्र मोदी की उनके प्रमुख सारथी थे । दूसरी घटना- मुरली मनोहर जोशी की रथयात्रा कन्याकुमारी से कश्मीर की थी, उसकी योजना में भी नरेंद्र मोदी का प्रमुख हाथ था। इसी समय शंकर सिंह वाघेला ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। तब गुजरात के मुख्यमंत्री केशु भाई पटेल को बनाया गया। नरेंद्र मोदी को दिल्ली बुलाया गया और उन्हें केंद्रीय मंत्री का उत्तर दायित्व सौंपा गया।

1995 में राष्ट्रीय मंत्री होने के नाते उन्होंने अपना दायित्व बखूबी निभाया। इनकी मेहनत और कर्तव्यनिष्ठा को देखकर इन्हें बीजेपी का महामंत्री का भार सौंपा गया। यह उत्तरदायित्व इन्होंने अक्टूबर 2001 तक निभाई ।फिर केशु भाई पटेल को हटाकर 2001 में गुजरात की कमान मोदी के हाथ में सौंप दिया गया।

गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में- केशुभाई पटेल की जब सेहत बिगड़ने लगी। उस समय भाजपा चुनाव में कई सीटें हार गई थी। फिर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मोदी का नाम रखा। लेकिन लालकृष्ण आडवाणी को ऐसा लगता था कि मोदी को अनुभव नहीं है इसलिए इन्हें उपमुख्यमंत्री के पद पर रखा जाए। पर मोदी जी ने इससे इंकार कर दिया। उन्होंने बाजपेयी जी को चिट्ठी लिखकर कहा कि अगर गुजरात का उत्तरदायित्व देना है तो पूरा दो और नहीं तो मत दो। फिर मोदी जी ने 7 अक्टूबर 2001 से मुख्यमंत्री का कार्यभार संभाला और अपना दायित्व 2001 से लेकर 2014 तक बड़ी शान से निभाया ।

व्यक्तिगत जीवन- मोदी के जीवन जीने का तरीका बिल्कुल सरल है। ये कर्मयोगी की तरह अपना जीवन जीते हैं ।योग करना उनके दैनिक जीवनचर्या का अंग है। ये पूर्ण रूप से शाकाहारी हैं। व्यक्तिगत स्टाफ के रूप में लंबा चौड़ा जमात इनके पास नहीं होता। केवल तीन से चार लोग होते हैं। इनका vision बहुत स्पष्ट होता है, इसलिए परियोजनाओं को लागू करने में इनको परेशानी नहीं होती।
एक बात तो माननी पड़ेगी इनके आवाज में बहुत दमखम है। साफ और स्पष्ट बोलने वालों में यह एक लोकप्रिय और चर्चित नेता के रूप में पहचाने जाते हैं। वैसे तो हमेशा पायजामा कुर्ता व सदरी पहनते हैं। पर कभी-कभी सूट भी पहन लेते हैं | ये अपनी मां से अत्यधिक प्यार करते हैं और उनका सम्मान भी करते हैं ।मोदी अच्छे नेता के साथ-साथ कवि और लेखक भी हैं। बहुत मेहनती और कर्मठ व्यक्ति के रूप में ये पहचाने जाते हैं। जब से इन्होंने प्रधान मंत्री का पद संभाला आज तक कोई छुट्टी नहीं ली। ये 18 घंटे काम करते हैं और बहुत कम सोते हैं | ye धार्मिक विचार के व्यक्ति तो है ही साथ ही दूरदर्शी भी बहुत है। अपनी संस्कृति और टेक्नोलॉजी दोनों को साथ लेकर चलते हैं ।यही कारण है कि यह युवाओं के बीच मोदी जी बहुत लोकप्रिय है।

गुजरात विकास की परियोजनाएं- गुजरात में मुख्यमंत्री के पद पर रहते हुए उन्होंने बहुत से महत्वपूर्ण परियोजनाएं बनाई और उसे क्रियान्वित भी किया। गुजरात की जनता ने इसलिए इन्हें बहुत पसंद किया और चौथी बार भी मुख्यमंत्री के रूप में चुना। इनकी परियोजनाएं कुछ इस प्रकार है –

पंचामृत योजना- राज्य के एकीकृत विकास की पंचयामी योजना
सुजलाम सुफलाम –जल स्त्रोतों का उचित उपयोग ,जल बर्बादी को रोकना
कृषि महोत्सव- उपजाऊ भूमि के लिए अनुसंधान केंद्र खोलना
चिरंजीवी योजना- नवजात शिशु के मृत्यु दर में कमी के लिए
मातृ वंदना -जच्चा बच्चा के स्वास्थ्य के लिए
बेटी बचाओ- भ्रूण हत्या व लिंगानुपात पर अंकुश के लिए
ज्योति ग्राम योजना- गांव गांव में बिजली पहुंचाने के लिए
कर्म योगी अभियान– सरकारी कर्मचारियों को अपने कर्तव्य के प्रति सजग बनाना
कन्या कला वाणी योजना- महिला साक्षरता तथा उन्हें शिक्षा के प्रति जागरुक करना
बाल भोग योजना- इस योजना के तहत गरीब बच्चों को विद्यालय में दोपहर का भोजन की व्यवस्था करना|

लोकसभा चुनाव- भाजपा कार्यसमिति के द्वारा 2014 के लोकसभा चुनाव अभियान का कार्यभार मोदी को सौंपा गया और संसदीय बोर्ड बैठक में आगामी लोकसभा चुनाव के लिए प्रधानमंत्री पद का इन्हें उम्मीदवार घोषित कर दिया गया। न्यूएजेंसीज और पत्रिकाओं के सर्वेक्षण से यह पता चला कि नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री पद के लिए जनता की पहली पसंद है। 100 भारतीय कॉरपोरेट्स में से 74 कॉरपोरेट्स ने नरेंद्र मोदी को बेहतर प्रधानमंत्री बताया। इनका समर्थन योग गुरु रामदेव और मुरारी बापू ने भी किया।

इसका परिणाम यह हुआ कि अकेले भारतीय जनता पार्टी ने 282 सीटों पर अपनी जीत हासिल की और सारी पार्टी को पटकनी दे दी। कांग्रेस केवल 44 सीटों पर सिमट कर रह गई। नरेंद्र मोदी स्वतंत्र भारत में जन्म लेने वाले ऐसे व्यक्ति हैं जो 2001 के से 2014 तक गुजरात के 14वें प्रधान मुख्यमंत्री के रूप में कार्यरत रहे और हिंदुस्तान के पंद्रहवें प्रधानमंत्री बने।

20 मई 2014 में जब भाजपा संसदीय दल तथा सहयोगी दल के साथ नरेंद्र मोदी संसद भवन में प्रवेश कर रहे थे तो उन्होंने प्रवेश करने के पहले संसद भवन को वैसे ही जमीन पर झुक कर प्रणाम किया जैसे कोई भक्त मंदिर में प्रवेश करने के पहले करता है। ऐसा करके उन्होंने समस्त सांसदों के लिए एक अद्भुत उदाहरण पेश किया।

प्रधानमंत्री के रुप में- 26 मई 2014 को भारत के राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद की शपथ दिलाई। मोदी के साथ 45 अन्य मंत्रियों ने भी अपने पद और गोपनीयता की शपथ ली।

शपथ समारोह में विभिन्न राज्यों और राजनीतिक पार्टियों के प्रमुखों को तो आमंत्रित किया ही गया था साथ ही सार्क देशों के राष्ट्रीय अध्यक्ष को भी आमंत्रित किया गया। यह उन्होंने अपने राजनीतिक और कूटनीतिक ज्ञान का पहला परिचय दिया।

उन्होंने अपने शपथ समारोह में बड़ोदरा के एक चाय विक्रेता “किरण महिदा” को बुलाया लेकिन अपने परिवार के किसी सदस्य को आमंत्रित नहीं किया। उनकी यही बातें औरों से उन्हें अलग बनाती है।

प्रधान मंत्री बनाने के बाद नरेंद्र मोदी ने देश हित में कई महत्त्वपूर्ण कदम उठाए –

नरेंद्र मोदी ने अपने राजनीतिक औऱ कूटनीतिक ज्ञान के द्वारा भारत के अंतरराष्ट्रीय संबंध को बहुत मजबूत बनाया ।

लेह के दूरदराज गांव में पहली बार बिजली पहुंचा जिससे लोगों के जीवन में उजाला आया।

आजादी के 70 साल बाद अजंता एलोरा में बिजली का प्रकाश पहुंचा।

देश की आम जनता की बात जानने और अपनी बात पहुंचाने के लिए “मन की बात” कार्यक्रम की शुरुआत आकाशवाणी के द्वारा किया। यह एक ऐतिहासिक कार्यक्रम है। इस कार्यक्रम के द्वारा ही उन्होंने भारत के लोगों को स्वच्छता तथा शौचालय के प्रति अत्यधिक जागरूक किया।

मुस्लिम बहनों को तीन तलाक से मुक्ति के लिए कानून बनाया औऱ 12 वर्ष से कम उम्र की बालिकाओं के साथ यौन उत्पीड़न करने वालों को फांसी की सजा का प्रावधान किया।

उज्ज्वला योजना के द्वारा गांव तथा गरीब महिलाओं को गैस कनेक्शन दिए ।

भारत को डिजिटल बनाने की ओर अग्रसर किया।

स्वास्थ्य एवं स्वच्छता अभियान की शुरूआत किया जो अपने आप में अनूठा है।

रक्षा नीति के तहत अपने देश के जवानों के लिए समान रैंक समान पेंशन की मांग को मंजूरी दी जो बरसों से लटका हुआ था ।डिफंस सेक्टर को नरेंद्र मोदी जी ने बहुत मजबूत बनाया जिससे हमारे जवानों का हौसला बढ़ा है ।

पाकिस्तान के विरुद्ध सर्जिकल स्ट्राइक किया ।

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