How to Stop Procrastination in Hindi – टालमटोल की आदत से कैसे छुटकारा पाएं

How to Stop Procrastination in Hindi – टालमटोल की आदत से कैसे छुटकारा पाएं

टालमटोल (Procrastination) की आदत बहुत ही भयावह आदत है। यह हमारी सफलता का सबसे बड़ा शत्रु होता है। सबसे मजे की बात तो यह है कि टालमटोल करना किसी को भी अच्छा नहीं लगता, फिर भी करते हैं। इससे होने वाले नुकसान को भी जानते हैं ।पर फिर भी हम टालमटोल के शिकार हो जाते हैं ।

प्रारंभ में ऐसा करना अच्छा लगता है। हम सोचते हैं कि – चलो ठीक है, इस काम को बाद में कर लेंगे, पर यह टलता चला जाता है। जब एक ऐसी स्थिति आ जाती है कि आपको करना ही है ।नंगी तलवार आपके सिर पर लटक रही होती है। तब, अपने आप से कहते हैं- काश ! यह काम हमने पहले कर लिया होता, या फिर सोचते हैं कि हमने यह काम पहले क्यों नहीं किया? इससे संबंधित Abraham Lincoln के द्वारा लिखा हुआ एक बहुत ही सुंदर Quote है “You can not escape the responsibility of tomorrow by evading it today”

हम टालमटोल (Procrastination) क्यों करते हैं यह इतना महत्वपूर्ण नहीं है,जितना कि यह जानना जरूरी है कि इसका हमारे जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता है? तो मित्रों मैं आपको बता दूं कि सभी टालमटोल करने वालों के लिए एक बात तो कॉमन होता है की इस टालमटोल के लिए उन्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ती है ।

टालमटोल करने की वजह से उनमें Depression, आत्मविश्वास की कमी, चिड़चिड़ापन, झुंझुलाहट ,unexpected behavior इत्यादि आ जाता है। इसका असर केवल टालमटोल करने वाले के ऊपर ही नहीं पड़ता बल्कि इसका परिणाम उनके परिवार को भी भुगतना पड़ता है ।

अब हम यह जानने की कोशिश करते हैं कि टालमटोल करते क्यों हैं ?

1 -कुछ लोग अपना काम बिल्कुल last moment में करना पसंद करते हैं।
2 -कुछ लोग फेल होने से डरते हैं। उन्हें लगता है कि अगर सफल नहीं हुआ तो क्या होगा? माता-पिता डाटेंगे । इस तरह उनके मन में अनेक Negative बातें आती हैं, और उस काम को last moment तक डाल दिया जाता है।

ऐसे लोग अपने comfort zone में रहना पसंद करते हैं। काम करने की योजना बनाते जरूर है, लेकिन जब Implementकरने की बारी आती है तो टाएं-टाएं फिस…. हो जाता है। स्वभाविक है किसी काम को करने के लिए efforts तो डालना ही पड़ेगा ,उसमें एनर्जी तो लगेगी ही, पर टालमटोल करने वाले अपनी आराम वाली गुफा से निकलना नहीं चाहते। उनका दिमाग यह कहना शुरू कर देता है- छोड़ यार, अभी नहीं भी करेंगे तो चलेगा बाद में करते हैं। और फिर बाद तो… बाद ही हो जाता है ।इसे हम एक उदाहरण के द्वारा समझ सकते हैं।

मां ने कहा बेटा कुछ बिल payment करना है, करके आ जा। हमारा जवाब होता है, अच्छा मां बस news सुनकर चला जाता हूं। बेटा पूछता है- by the way payment का last date कब है मां? मां ने कहा बेटा बस 2 दिन ही बाकी है। बेटा आश्चर्य से 2 दिन। मैं अभी न्यूज़ सुनकर चला जाता हूं  ।न्यूज़ खत्म हो गया, नहीं उठे । अच्छा थोड़ा Facebook देख लेता हूं, वह भी हो गया ।अच्छा ठीक है थोड़ा YouTube देख कर चला जाऊंगा। इस तरह यह बात टल गई। यही टालमटोल की आदत है हमारे जीवन के हर क्षेत्र में लागू हो जाता है।

टालमटोल करना एक खतरनाक आदत है। यह हमारे काम करने के सिस्टम से चिपक जाता है। इससे उबरना आसान नहीं होता लेकिन नामुमकिन भी नहीं। इस आदत में हमारा इच्छाशक्ति (Will power) पूर्ण रुप से काम नहीं करता। बल्कि इसके लिए एक सिस्टम तैयार करना पड़ता है।

टालमटोल करने वाले हमेशा आजाद रहना चाहते हैं। उन्हें काम करने के लिए किसी तरह का कोई नियम, कोई बंधन पसंद नहीं होता। वह अपनी इच्छा के अनुसार रहना पसंद करते हैं , लेकिन दोस्तों अगर हम टालमटोल जैसे खतरनाक दुश्मन से छुटकारा पाना चाहते हैं , अपने आपको सफल बनाना चाहते हैं तो नियम , अनुशाशन , टाइम टेबल इनका तो पालन करना ही होगा । आजादी हमारी सफलता का दुश्मन है ।

ऐसा कोई काम नहीं की हम चाहे और वह पूरा ना हो। जरूरत होती है कुछ अच्छे टिप्स की और self motivation की । ऐसे ही कुछ महत्वपूर्ण और असरदार टिप्स की चर्चा मैं करने जा रही हूं। जिसका पहला पॉइंट है-

1 Self Imposed Deadline – किसी काम को करने के लिए समय सीमा निर्धारित करना अति आवश्यक होता है। समय निर्धारित न होने से कार्य की पूर्णता में अनिश्चितता बनी रहती है। इस परिस्थिति में हमें result नहीं मिलता और हम निराश हो जाते हैं। हम स्ट्रेस और डिप्रेशन में आजाते हैं ।हमारी काम करने की दिलचस्पी कम हो जाती है ।अंत में हम काम छोड़ देते हैं । समय निर्धारित करने से urgency की स्थिति आती है और हमारा दिमाग काम करने की दिशा में वर्क करना शुरू कर देता है ।समय सीमा निर्धारित करने से काम समय पर पूरा करने का जोश आता है

2 Commitment with Friends & Relatives – ऐसा करने से responsibility की भावना जगती है । ये एक तरह का सोशल बाँडेज होता है ।आप देखेगें की जिस काम के लिए आपने अपने मित्र या अपने पड़ोसी भाई को बोला है उसे आप जरूर पूरा करते हैं ।ऐसा इसलिए की अगर नहीं किया तो लोग हमारा मजाक उड़ाएगें।

3 Working in Intervals – प्रारंभ में काम को बड़े रूप में नहीं करना चाहिए। छोटे-छोटे unite में बाट कर करने से काम करने में बोर भी नहीं होता और हमारा focus भी बढ़ता है। दिमाग यह सोचकर खुश रहता है की बस इतना ही तो करना है ……कर लेगें ।इसतरह धीरे- धीरे काम करने में दिलचस्पी आने लगती है और हम बड़ा काम भी करने लगते हैं ।

4 Exercise 20 Minutes Everyday -व्यायाम करने से आलस दूर होता है। काम करने की उर्जा मिलती है। हमारा शरीर और दिमाग दोनों तरोताजा रहता है। थकान महसूस नहीं होती। हमारे शरीर में स्फूर्ति आती है। काम करने की और सोचने की क्षमता बढ़ती है।

5 Healthy Diet – संतुलित और पौष्टिक भोजन लेने से हमारा शरीर स्वस्थ रहता है। इससे हमारे शरीर में भारीपन नहीं आता और दिमाग में भी स्फूर्ति बनी रहती है। हेल्दी भोजन हमें एनर्जी देकर हमारी कार्य क्षमता को बढ़ाता है।

6 Eliminate Negative Thoughts – नकरात्मक सोच हमारी सफलता का सबसे बड़ा अवरोधक है ।एक बार यह नकारात्मक का कीड़ा हमारे दिमाग के अंदर प्रवेश कर जाए तो हमें पंगु बना देता है। अतः इससे हमेशा दूर रहे । इसका शिकार मैं सबसे ज्यादा होती हूँ । पॉजिटिव सोचे ।आपकी सकारात्मक सोच ही आपको मंजिल तक पहुंचाएगी और आपके काम करने की क्षमता को भी बढ़ाएगी।

7 Internal Motivation – ऊपर के जितने भी टिप्स हैं वे सभी बहुत अच्छे हैं। इनसब को अपनाने से आपको ज़रूर फायदा होगा ।लेकिन ये तभी होगा जब आप अपने आपको अंदर से मोटीवेट करेंगे । आपका इनर ड्राइव ही आपके प्रोग्रेस का इंजन है ।
अपने आपको मोटीवेट करने के लिए यह प्रश्न करें की- मैं ये काम क्यों कर रहा हूँ ? अगर ये पूरा नहीं हुआ तो इससे हमारा क्या -क्या नुकसान हो सकता है ? मित्रों आप विश्वास करें , इसका उत्तर आपको अगर मिल गया तो आप नींद में भी काम करने को तैयार हो जायेंगे ।

Special & Important Technique –

– Five Second Technique – -इस तकनीकी युग में हम सभी बहुत व्यस्त होते हैं। हमेशा किसी मीटिंग, टारगेट या फिर commitment से घिरे रहते हैं ।यह सब हमारे रोजमर्रा के जीवन को बहुत tough बनाते हैं। टालमटोल हमारी प्रगति को बहुत धीरे कर देता है और हम अनिश्चितता की ओर बढ़ने लगते हैं। धीरे-धीरे हम मस्तिष्क के कोहरे में घुस जाते हैं। यह 5 मिनट का रूल आपको आपके टालमटोल वाली आदत से छुटकारा दिला सकता है। यह रूल बहुत सिंपल पर बहुत ही असरदार है।

* जिस क्षण आपको लगे कि यह कार्य आपको कर लेना चाहिए, 5 सेकेंड के अंदर उसे आप कर ले। अन्यथा आपका दिमाग आपको टालमटोल के गर्क में लेकर चला जाएगा। यह 5 सेकंड का टेक्निक आपके मस्तिष्क से संदेह,भय और काम करने से रोकने वाली भावना को समाप्त कर देता है। जब यह 5 सेकंड वाला रूल सही तरीके से हम फॉलो करने लगते हैं तो यह 5 सेकंड कब 5 मिनट में , कब 5 घंटे में और 5 दिन में तब्दील हो जाता है आपको पता ही नहीं चलता और आप अपने गोल को achieve कर लेते हैं।

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