How to Be Happy – जीवन में खुश कैसे रहा जाये

How to Be Happy – जीवन में खुश कैसे रहा जाये

मनुष्य ईश्वर का सबसे सुंदर और श्रेष्ठ रचना है। ईश्वर ने अपने चहेते संतान में वो सारे गुण डाले हैं जो उनके पास है। मित्रों ! हम जब भी ईश्वर का साकार रूप देखते हैं तो उनके चेहरे पर एक शाश्वत मुस्कान और शांति होती है। वहीं गुण उन्होंने हमें भी प्रदान किया है । आप देखेंगे कि जब बच्चा छोटा होता है तो उसके चेहरे पर भी ऐसी ही निश्चल मुस्कान होती है। जैसे- जैसे मनुष्य बड़े होते हैं वैसे वैसे unwanted वातावरण से प्रभावित होते हैं और फिर अप्रसन्न रहने का सिलसिला शुरू हो जाता है, लेकिन हम में से कुछ ऐसे लोग भी हैं जो अपनी Natural मुस्कान अर्थात Happiness को बरकरार रखते हैं। ऐसा नहीं है कि उनके जीवन में उथल-पुथल नहीं होता।

How to Be Happy

ऐसा नहीं है कि हर धनवान व्यक्ति या हर ऊंचे पद पर आसीन व्यक्ति बहुत खुश होते हैं। खुश रहने के लिए कोई आधार या कारण की आवश्यकता नहीं है। यह तो एक कला है। अंग्रेजी में एक कहावत है –

जीवन में सुख दुख तो आते ही रहते हैं । कोई भी व्यक्ति इससे अछूता नहीं रहता। हां, हम में से कुछ लोग जो अपने जीवन को नियंत्रित और संतुलित करने की कला जानते हैं वे हर हाल में खुश रहते हैं। व्यर्थ की चिंता छोड़ कर जीवन को यात्रा और अपने आप को कुशल यात्री मानकर खुश रहते हैंऔर अपने आसपास के लोगों को भी खुश रहते हैं।

अब आपको कुछ ऐसे टिप्स देने जा रही हूं जो आपके जीवन को तो खुशहाल बना ही देंगे साथ ही साथ आप अपने आसपास पड़ोस को भी हंसना और मुस्कुराना सिखा देगे । Tips – How to be Happy 

1) नकरात्मक सोच और नकरात्मक लोग दोनों से दूर रहें – नकरात्मकता हमारे जीवन को पंगु बना देता है ।जीते हुए भी हम जिन्दा लाश बन जाते हैं । इस पर जित हासिल करने का एक सीधा सा उपाय यह है की जब भी आपके दिमाग में नकरात्मक विचार आएं उसे दूर हटाएँ । इसकी जगह पर positive thoughts अपने दिमाग में लाएं।इस कार्य को सफल बनाने के लिए अपने को time और space दें । आपका सतत प्रयास आवश्य रंग लाएगा । आप देखेगें की आपकी सकरात्मक सोच आपके जीवन में उल्लास और उमंग भर देगा । उसी प्रकार नाकरात्मक सोच वाले लोगों से मिलना जुलना बंद कर दें । ऐसे लोग आपके जीवन में खुशियां नहीं निराशा लाएगें ।

2) भविष्य को संवारने के लिए दिवा स्वपन न देखें – सुनहरा भविष्य केवल कल्पना मात्र से नहीं बन सकता । अपनी योजना को यथार्थ में उतारें । अपने वर्तमान को समझें और उसके आधार पर ही योजना को सफल बनाएं । खुशियां आपके पास होगीं ।

3) बीते हुए कल को कुरेदें नहीं बल्कि उससे सीखे – वास्तव में हम सभी को जो बीते हुए कल से कटुता या तकलीफ मिली है , हम उसे ही गाते -बजाते रहते हैं । इससे हमारे जख्म और भी हरे हो जाते हैं । अपने जीवन को काहिल न करें । भूतकाल में जो हमने गलती की है उसका अफ़सोस करने की वजाय उससे सिख लें । याद रखें हमारी ख़ुशी ही हमारी प्रगति का मार्ग बनता है ।

4) अपनी तुलना दूसरों से ना करें– तुलनात्मक विश्लेषण करना हमारी खुद की प्रगति को रोकता है ।आप एक बात पर अवश्य ध्यान दें कि हर एक इंसान में अलग-अलग गुण होते हैं जिसके कारण उनकी गुणवत्ता भी अलग होती है। हमें अपने अंदर की प्रतिभा को बढ़ाना है ,ना कि दूसरे के साथ तुलना करके अपने आप को दुखी करना है ।अपनी दिलचस्पी और गुण के अनुसार कार्य करने से हम खुश भी रहेंगे और हमारा मन भी लगेगा ।

5) दूसरों को blame ना करे -यह ब्लेम गेम खेलना बंद कर दें ।अपनी गलतियों की responsibility खुद ले । ना किसी situation को ,ना किसी friend को या ना किसी रिश्तेदार पर अपनी गलतियों को थोपे । ऐसा करने से हम दो बातें सीखते हैं- एक तो हमें आत्मिक संतुष्टि मिलती है और दूसरा हम दोबारा गलती नहीं करते ।खुद को धोखा ना दे। इससे हमारा जीवन खुशहाल बनता है |

6) अपने आप को Under Estimate ना करें -अगर आप हमेशा अपने आप को अंडर एस्टीमेट करते हैं तो खुशियां आपके दरवाजे कैसे टिक सकती है ?अपने आपको पहचाने । हम महामानव है! हमारे अंदर एक विशेष प्रतिभा है जो अन्य में नहीं है ।इसे हम जब चाहे प्रयोग करके जीवन की ऊंचाइयों को छू सकते हैं। इसलिए आपसे गुजारिश है कि अपने आप को low feel ना करें ।बल्कि अपनी विशेषता को पहचाने, उसे निखारें और उसमें ऐसी चमक भरे जो आपके जीवन को चमका दे ।आपके होठों पर सदा के लिए मुस्कुराहट भर दे।

7) दूसरों को खुश रखने के चक्कर में अपनी खुशी ना गवाएं– यह तो सच है कि सबको हम खुश नहीं रख सकते ।सब के विचार हमारे विचार से मेल नहीं खाता ।अतः दूसरों को खुश रखने के लिए अपनी खुशी की तिलांजलि देना व्यर्थ है ।

8) जो चीज आपके हाथ में नहीं उसकी चिंता करना छोड़ दें – कुछ चीजें मनुष्य के हाथ में नहीं होती ।उस पर उसका कोई अख्तियार नहीं होता। जैसे प्रकृतिक आपदा ,जीवन ,मृत्यु इत्यादि ।उसे समय पर छोड़ दें ।चिंता करने की बजाय चिंतन करें ताकि आपका रास्ता निकले ।

9) आप अपने आपको change नहीं कर सकते ऐसा सोचना छोड़ दें -आप देखेंगे कि ऐसे बहुत से लोग हैं जो कहते हैं कि अब तो हम बूढ़े हो गए ,हम बदल नहीं सकते । यह सिर्फ उनके दिमाग का फितूर है ।अपने विश्वास से जीवन के हर मोड़ पर बदलाव लाया जा सकता है। चाहने पर हर काम संभव हो जाता है हमारी खुशी भी वापस आ जाती है।

10) ख्याली पुलाव बनाना छोड़ें – कल्पना के आधार पर हम खुश नहीं हो सकते। इसके लिए हमें प्रयासरत होना चाहिए। खुश रहने की आदत डालनी पड़ती है ।खुशी हमारे अंदर होती है, उसे अभ्यास के द्वारा cultivate करना पड़ता है।

11) अच्छे दोस्त बनाएं – जीवन को खुशहाल बनाने में अच्छे दोस्त, अच्छे परिवार की आवश्यकता होती है। यह हमारे जीवन में supportive pillar का कार्य करते हैं ।दोस्त बनाते समय विवेक से काम लेना ही जीवन में खुशी बहाल करना है।

12) स्वयं पर नियंत्रण रखें – आधुनिक युग में हमारी आवश्यकताएं सुरसा के मुख की तरह बढ़ी हुई हैं । हमारी आवश्यकताएं भी हमारे जीवन को दुखी बनाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़तीं । जीवन को खुशहाल बनाने के लिए simple जीवन जीना अत्यंत आवश्यक है ।

13) उचित समय का इंतजार ना करें – हम हमेशा यह कहते हैं कि हमारा यह काम हो जाएगा तो मैं खुश रहूंगा ,लेकिन ऐसा सोचना गलत है। कुछ समय के लिए खुश होना, खुशी नहीं है ।आपके पास क्या है ,आप क्या है और क्या कर रहे हैं ? इन बातों से आप के खुश रहने का कोई ताल्लुक नहीं है ।खुश रहना एक स्वाभाविक क्रिया है। अपने आप को खुश रखना एक कला है ।जो व्यक्ति इस कला को उद्भाषित करना सीख जाते हैं, वे किसी भी परिस्थिति में खुश रहते हैं ।ऐसा नहीं है कि जो हमेशा प्रसन्न रहते हैं उनके जीवन में परेशानियां नहीं होती। वे परेशानियों से हटकर ख़ुशी का रास्ता चुनते हैं ।

14) आपको आपके शिव कोई दूसरा खुश नहीं रख सकता – ये वाक्य अक्षरसः सत्य है । ख़ुशी अंदर की चीज है । ये ऐसा धन है जिसे न तो कोई चुरा सकता है और न दे सकता है । आपको खुश रखने का कोई कितना भी प्रयत्न करे जब तक आप अपने आपको खुश न रखना चाहें तब तक ये नामुमकिन है ।

15) खुश रहना है तो जो भी करें दिल से करें – हर इंसान खुश रहना चाहता है लेकिन इस कला को अपनाना नहीं चाहता । आज हमारे भारत में ९५% लोग इस समस्या से जूझ रहें हैं । उनके पास सुख के अनेक साधन हैं ,सुविधा है फिर भी खुश नहीं हैं । ख़ुशी हासिल करने के लिए अपने काम को रुचिकर बनाएं और उसे दिल से करें । आपकी ख़ुशी बरकरार रहेगी ।

अंत में बस एक बात कहना चाहती हूँ की मेरी लिखी सभी बातें न भी याद रहे तो केवल एक बात याद रखें नकरात्मकता से दूर रहें। ऐसा करने से आपको खुश रहना आसान हो जाएगा ।

आपने इस article को इतना मन से पढ़ा इसके लिए आपको दिल से धन्यवाद !!!

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