Hindi Diwas Poem – हिंदी दिवस पर कविता

Hindi Diwas Poem – हिंदी दिवस पर कविता

आज सारे विश्व में भारत की पहचान बनी हुई है
ऐसे में राष्ट्रभाषा हिंदी की पुनः आश लगी हुई है
हिंदी हमारी शक्ति है, हिंदी हमारी भक्ति है, हिंदी ही वह सूत्र है
जिसमें, अपने राष्ट्र की उन्नति है।

राजभाषा का दर्जा मिला, जिसका सबके हृदय पर अधिकार है
फिर क्यों अपने देश में ही घुट घुट के जीने पर लाचार है
शब्दों का भंडार है, साहित्य अपरंपार है, मैत्री की सांकल है वह
तुलसी रहीम कबीर के हृदय की रसधार है।

समझो और समझाओ अपनी राष्ट्रभाषा को आगे बढ़ाओ
दुनिया में आगे बढ़ना है तो, निज भाषा को अपनाओ
फ्रेंच ,अंग्रेजी और जर्मन पढ़ो, जानो चीनी, जापानी
किंतु, हिंदी के बिना सब कुछ है बेईमानी!!!

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