Hindi Poem Archive

Poem on Friendship in Hindi – दोस्ती पर कविता – Hindi Poem on Dosti

मित्रता – A Poem on Friendship in Hindi दोस्त पास हो तो दुनिया बदल जाती है रुआंसे चेहरे पर हसीं खिल जाती है चेहरे को चमक फिर से लौट आ जाती है चटपटे बातों की मेहफिल जम जाती है दोस्ती है अनमोल रतन नहीं ...Read More

Poem on Trees in Hindi – पेड़ पर कविता

Poem on Trees in Hindi वृक्ष मनमोहिनी , ईश्वर अनुदायनी जीवनी दायनी प्राण वाहनी फल फूलो की खान हो तुम देती शीतल छाँव हो तुम ऐसे परम उदार हो तुम सब जीवन का सार हो तुम   जनम जनम का नाता तुझसे उपकार करना ...Read More

Poem on Flowers in Hindi – फूल पर कविता

Poem on Flowers in Hindi रंग बिरंगे फूल चमन में खिल रहे है अम्बर से धरती तक खुशबू फैला रहे है काटों में भी रहकर जीना सीखा रहे है सुख दुःख में सम रहने का पाठ पढ़ा रहे है   सबसे हिल मिल कर ...Read More

Poem on Peacock in Hindi – मोर पर कविता

Poem on Peacock in Hindi आओ आओ बच्चो की टोली सुनो मोर की कुंह कुंह बोली आसमान में बदल छाए मोर थई थई नाच दिखाए अपने पंखों को फैलाकर पैसो की बरसात दिखाए उसके सर पे कलगी ऐसी बादशाह के ताज जैसे मोर छमाछम ...Read More

Poem on Charity in Hindi – परोपकार पर कविता

Poem on Charity in Hindi आसमान के दो रतन, दोनों बड़े महान एक जग को शीतल करता दूसरा करता रौशनी दान सूरज दादा फसल पकाते चंदा मामा छाया देतें । दोनों मिल संसार चलाते ये दोनों है संत महान धरती जब तप्ती गर्मी से ...Read More

Hindi Poem on Society – नए समाज का निर्माण

Hindi Poem on Society समाज को नहीं, समाज की नीतियों को बदलना होगा नियति को नहीं नियत को बदलना होगा बेटियों के अपेक्षा बेटो को सिखाना होगा उनकी हर हरकत पर नज़र रखना होगा तभी एक नए समाज का निर्माण होगा कब तक नागों ...Read More

Hindi Poems on Life – हिंदी कविता प्रेम – Hindi Kavita on Life

Hindi Poems on Life – 1 ये जीवन है जीवन का नाम ही परिवर्तन है कभी उलझेंगे तो कभी सुलझेंगे कभी बिखरेंगे तो कभी निखरेंगे ख्वाब भले टूटते रहें हौसला फिर भी जिन्दा हो हिम्मत अपनी ऐसी रखो जहाँ मुश्किलें भी शर्मिंदा हों ये ...Read More

Poem on Poverty in Hindi – गरीबी

Poem on Poverty   हाय ! ये लाचारी क्यों बच्चो के सर आयी न तन पर है कपडे, न पैरो में चप्पल सर्दी की है रातें न टोपी न कम्बल बापू की बीमारी, माँ की लाचारी बेरहम हो गयी दुनिया सारी रोटी के खातिर ...Read More

Poem on Girl in Hindi

मैं लड़की हूँ मैं मैं हूँ, मैं लड़की हूँ लड़की ही रहूंगी जानती हूँ मेरा जीवन कठिन है समाज भी जटिल है पग पग पर भेद भाव ये लड़का और ये लड़की है सुन सुन कर मैं थक गयी अंदर ही अंदर टूट गयी ...Read More