Benefits of Mint Leaves in Hindi – पुदीना के फायदे

Benefits of Mint Leaves in Hindi – पुदीना के फायदे

पुदीना (Mint Leaves) का उत्पादन आजकल देश के सभी हिस्सों में होता है। पुदीने के पत्ते गोल और हरे रंग के होते हैं। इसके पत्तों से भीनी- भीनी खुशबू आती है ।यह एक प्रकार का घास होता है ।

पुदीना का तासीर गर्म होता है। इसमें अनेक औषधीय गुण होते हैं ।यह हमारे स्वास्थ्य को अच्छा रखने में काफी मददगार साबित होता है। यह हाजमे को दुरुस्त करता है । पुदीना मुख्य रूप से चटनी, सलाद, मसाला के रूप में प्रयोग किया जाता है ।

पुदीना के पत्ते सुखाकर या ताजे दोनों रूप में प्रयोग किया जाता है। पुदीना किसी भी मौसम में उगा सकते हैं। इसे जड़ से लगाया जाता है। इसे बड़े गमले में या अपनी क्यारी में लगा सकते हैं। यह पौधा हमारे भोजन के जायके के को चटपटा बनाता है और साथ ही हमारी त्वचा के सौंदर्य को भी निखारता है ।

अभी तो पोदीना हर season में मिलता है और खाया भी जाता है। इसकी चटनी बड़ी स्वादिष्ट और स्वास्थ्यवर्धक होती है। इसके बनाने की विधि मैं नीचे लिख रही हूं। इसे पढ़ें, बनाएं और टेस्ट करके बताएं आपको कैसा लगा ।

पुदीने की चटनी – पुदीने के पत्ते को पानी से अच्छी तरह धो लें । उसमें कच्चा आम, हरी मिर्च ,थोड़ा सा भुना हुआ जीरा, गुड़ स्वादानुसार नमक डालकर पीस लें ; फिर उसमें दो तीन बूंद मस्टर्ड ऑयल डालकर खाने के साथ परोसें । बड़ा ही टेस्टी चटनी होता है। जिन्हें मस्टर्ड ऑयल का smell नापसंद हो वह नहीं भी डाल सकते हैं। पुदीना में अनेक पोषक तत्व होते हैं

 

Benefits of Mint Leaves in Hindi

पुदीना से लाभ (Benefits of Mints Leaves)

1)पुदीना चेहरे के सौंदर्य को निखारता है- पुदीने के रस को मुल्तानी मिट्टी में मिलाकर चेहरे पर लेप लगाकर 10 से 15 मिनट तक छोड़ दें। फिर उसे गुनगुने पानी से धोलें । चेहरे का रंग निखर जाता है। कील-मुंहासों सभी निकल जाते हैं ।

2) पुदीना सर्दी जुकाम और बुखार में लाभदायक होता है- पुदीना और अदरक को जल में उबालकर उसका क्वाथ बना लें , फिर इसे छानकर दिन में तीन से चार बार थोड़ा-थोड़ा करके पिए। इससे यह बहुत ही फायदा होता है।

3) पुदीना कीड़ा काटने में फायदा करता है- पुदीना के पत्तों को पीसकर उस स्थान पर लगाएं जहां पर कीड़ा काटा हो। इससे जलन तथा घाव नष्ट हो जाता है।

4) पुदीना पेट के कृमि को दूर करता है- खाली पेट में पुदीना का दो चम्मच रस पिलाने से पेट के कृमि मर जाते हैं ।इसका सेवन करीब 1 माह या आवश्यकता के अनुसार करें ।

5) पुदीना पित्ती में लाभदायक होता है- पुदीना पीसकर उसका पेस्ट लगाएं और पुदीने का रस निकालकर भी दिन में दो तीन बार खिलाएं । इससे चमत्कारिक लाभ होता है।

6) पुदीना सिर दर्द में फायदा करता है- पुदीना का पेस्ट बनाकर ललाट पर इसका लेप लगाएं। इससे अत्यधिक लाभ मिलता है।

7) पुदीना निमोनिया बुखार में फायदेमंद होता है- पुदीना के ताजे पत्तों का रस मधु के साथ मिलाकर दिनभर में तीन से चार बार पिलाएं। इससे इस बुखार में फायदा होता है।

8) पुदीना से मुंह का दुर्गंध खत्म करता है- पुदीना के 5 से 10 पत्ते पानी में boil करें ,गुनगुना होने पर इससे गरारे करने से मुंह का दुर्गंध खत्म हो जाता है। पुदीना के पत्तियों को चबाने से भी मुंह का दुर्गंध निकल जाता है।

9) पुदीना बेहोश हुए व्यक्ति को होश में ला देता है- बेहोश व्यक्ति को पुदीना का पत्ता सुंघाने से वह होश में आ जाता है।

10) पुदीना पेट दर्द में फायदा करता है -पुदीने का रस 5 ग्राम अदरक का रस 5 ग्राम मिलाकर उसमें थोड़ा सा सेंधा नमक डालकर सेवन करने से पेट का दर्द समाप्त हो जाता है।

11) पुदीना दाद- खुजली में भी लाभदायक होता है- पुदीने का रस लगाने से शरीर के किसी हिस्से में भी दाद या खुजली में यह फायदेमंद होता है ।

12) पुदीना डायरिया में भी लाभदायक होता है- पुदीना, प्याज और नींबू का रस इन तीनों को बराबर बराबर मात्रा में पिलाने से डायरिया में फायदा होता है। इससे उल्टी भी बंद हो जाती है।

13) पुदीना से पेट की गड़वड़ी नष्ट होता है -पुदीना के 10 ग्राम रस में 10 ग्राम नींबू का रस और थोड़ा मधु मिलाकर सेवन करने से पेट का विकार नष्ट हो जाता है।

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