Akbar and Birbal Short Stories – आगरा में कितने कौवे (अकबर बीरबल )

Akbar and Birbal Short Stories – आगरा में कितने कौवे (अकबर बीरबल )

एक दिन बादशाह सलामत अपने दरबार में सबसे पहले पहुँच गए । ना जाने उनके दिमाग में क्या सूझा ? जितने भी दरबारी आते गए सबसे एक ही प्रश्न किया आगरा में कौवों की संख्या कितने है ? यह प्रश्न सुनते ही सभी दरबारी चुप हो जाते। कोई भी कुछ उत्तर नहीं दे पाते ।

फिर बीरबल भी दरबार में पहुंचे। बादशाह ने वही प्रश्न उनसे भी पूछा। बीरबल ने झट से उत्तर दिया – हुज़ूर आगरा में 985203 कौवे हैं । मैंने पिछले साल ही इनकी गणना करवाई थी। बादशाह कौवे की स्पष्ट गणना सुनकर आवक रह गए। पूछा “तुमने पिछले साल इनकी गणना कब करवाई थी ? उसका प्रमाण दो। मुझे तुम्हारी इस बात पर शंका है।” बीरबल ने कहा-“हुज़ूर यह गणना रत्ती पाई सत्य है ।”

अकबर ने कहा -“अगर इस गणना में एक नंबर की भी कमीबेशी होगी तो 9999 रुपए दंड के रूप में तुमसे वसूल लिए जाएंगे। आज शाम तक मौका है। अच्छी तरीके से सोच समझ लो।”

बीरबल ने कहा- “जहांपनाह मेरी गणना बिल्कुल ठीक है। इसमें कोई गड़बड़ी नहीं है। गणना करने पर इतने ही कौवे निकलेंगे ।कमोबेश तब होगी जब यहां से कुछ कौवे अपने रिश्तेदार से मिलने बाहर गए होंगे या बाहर से कुछ मेहमानदारी निभाने के लिए यहां आए होंगे।

अकबर की बोलती बंद हो गई थी। थोड़ी देर वे चुप रहे और बाद में ठठा कर हंसने लगे । कहने लगे बीरबल तुम्हारी बुद्धि का कोई पार नहीं पा सकता।

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